Hindi Poetry Gulzar – Tanha April 15, 2021 rhymecloud तन्हा कहाँ छुपा दी है रात तूने कहाँ छुपाये है तूने अपने गुलाबी हाथों के ठन्डे फाये कहाँ है तेरे लबों के चेहरे कहाँ है तू आज – तू कहाँ है ? ये मेरे बिस्तर पे कैसा सन्नाटा सो रहा है ?