Hindi Poetry Ramdhari Singh Dinkar – Kavita aur prem September 24, 2022 rhymecloud कविता और प्रेम ऊपर सुनील अम्बर, नीचे सागर अथाह, है स्नेह और कविता, दोनों की एक राह। ऊपर निरभ्र शुभ्रता स्वच्छ अम्बर की हो, नीचे गभीरता अगम-अतल सागर की हो।