Hindi Poetry

Gulzar – Bairaagi baadal


बैरागी बादल बैरागी बादल
बैरागी बादल आए
आये रे बादल आए…

आते हैं जैसे आर्य आए
गर्जाते घोड़े, रथ दौड़ाते
बिजली के बरछे चमकाते
आए रे बादल आए…
बैरागी बादल, बैरागी, बैरागी बादल आए…

बंजारों जैसे ख़ेमे उठाए
पानी की मश्कें कांधों पे लाए
बोरीयां-भर दाने बरसाए
आए रे आए…
बैरागी बादल, बैरागी, बैरागी बादल आए…