Hindi Poetry Gulzar – Tanha September 16, 2020 rhymecloud तन्हा कहाँ छुपा दी है रात तूने कहाँ छुपाए हैं तूने अपने गुलाबी हाथों से ठंडे फाये कहाँ हैं तेरे लबों के चेहरे कहाँ है तू आज-तू कहाँ है ? यह मेरे बिस्तर पे कैसा सन्नाटा सो रहा है ?