Hindi Poetry

Suryakant Tripathi Nirala – Neel jaldhi jal


नील जलधि जल

नील जलधि जल,
नील गगन-तल,
नील कमल-दल,
नील नयन द्वय।

नील मॄत्ति पर
नील मृत्यु-शर,
नील अनिल-कर,
नील निलय-लय।

नील मोर के
नील नृत्य रे,
नील कृत्य से
नील शवाशय।

नील कुसुम-मग,
नील नग्न-नग,
नील शील-जग,
नील कराभय।