Hindi Poetry

Faiz Ahmed Faiz – Pyaam ae tajdeed


 प्याम-ए-तजदीद

अहदे-उलफ़त को मुद्दतें गुज़रीं
दौरे-राहत को मुद्दतें गुज़रीं
मिसले-तस्वीरे-यास है दुनिया
हाय कितनी उदास है दुनिया
फिर तुझे याद कर रहा हूं मैं

कितने बेकैफ़ रोज़ो-शब हैं कि तू
वजहे-तजईने-महरो-माह नहीं
हसरते-दीद खो चुका हूं मैं
आह मैं और तेरी चाह नहीं
इस तसन्नो से थक गया हूं मैं

आ मुझे फिर शुमार में ले
यादे-दोशीन मत जगा प्यारी
बे-वफ़ाई का ज़िक्र रहने दे
मेरे शिकवों की फ़िक्र रहने दे
आ, गुज़शता को भूल जा प्यारी
आ मुझे फिर कनार में ले

दर्दे-अहदे-फ़िराक रो डालूं
दिल के दैरीना दाग़ धो डालूं

(तजदीद=दोबारा सम्बन्ध कायम
करना, मिसले-तस्वीरे-यास=
निराशा की तस्वीर जैसा, बेकैफ़
रोज़ो-रात =फीके दिन रात, वजहे-
तजईने-महरो-माह=चाँद-सूरज के
शिंगार का कोई बहाना, यादे-दोशीन=
गुज़रे कल की याद, गुज़शता=बीता
कनार=गोद, दैरीना=पुराने)