Hindi Poetry Faiz Ahmed Faiz – Kuch ishq kiya kuch kaam kiya November 9, 2024 rhymecloud कुछ इश्क किया कुछ काम किया वो लोग बहुत ख़ुश-किस्मत थे जो इश्क को काम समझते थे या काम से आशिकी करते थे हम जीते-जी मसरूफ़ रहे कुछ इश्क किया कुछ काम किया काम इश्क के आड़े आता रहा और इश्क से काम उलझता रहा फिर आख़िर तंग आकर हमने दोनों को अधूरा छोड़ दिया