Hindi Poetry Gulzar – Dariya April 8, 2021 rhymecloud दरिया इतनी सी उम्मीद लिये– शायद फिर से देख सके वह, इक दिन उस लड़की का चेहरा, जिसने फूल और तुलसी उसको पूज के अपना वर माँगा था– उस लड़की की सूरत उसने, अक्स उतारा था जब से, तह में रख ली थी!!