Atal Bihari Vajpayee – Jo kal the wo aaj nahi hain
जो कल थे, वे आज नहीं हैं। जो आज हैं, वे कल नहीं होंगे। होने, न होने का क्रम, इसी
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जो कल थे, वे आज नहीं हैं। जो आज हैं, वे कल नहीं होंगे। होने, न होने का क्रम, इसी
Read Moreमासूम बच्चों, बूढ़ी औरतों, जवान मर्दों की लाशों के ढेर पर चढ़कर जो सत्ता के सिंहासन तक पहुंचना चाहते हैं
Read Moreमनाली मत जइयो, गोरी राजा के राज में। जइयो तो जइयो, उड़िके मत जइयो, अधर में लटकीहौ, वायुदूत के जहाज़
Read Moreहम जंग न होने देंगे! विश्व शांति के हम साधक हैं, जंग न होने देंगे! कभी न खेतों में फिर
Read Moreजे. पी. डारे जेल में, ताको यह परिणाम, पटना में परलै भई, डूबे धरती धाम। डूबे धरती धाम मच्यो कोहराम
Read Moreअब मुलाक़ात कहाँ शीशे से पैमाने से फ़ातिहा पढ़ के चले आए हैं मय-ख़ाने से क्या करें जाम-ओ-सुबू हाथ पकड़
Read Moreजीवन बीत चला कल कल करते आज हाथ से निकले सारे भूत भविष्य की चिंता में वर्तमान की बाज़ी हारे
Read Moreविजय का पर्व! जीवन संग्राम की काली घड़ियों में क्षणिक पराजय के छोटे-छोट क्षण अतीत के गौरव की स्वर्णिम गाथाओं
Read Moreमैंने जन्म नहीं मांगा था, किन्तु मरण की मांग करुँगा। जाने कितनी बार जिया हूँ, जाने कितनी बार मरा हूँ।
Read Moreपोर्ट लुई के घाट पर, नवपंडों की भीर; रोली, अक्षत, नारियल, सुरसरिता का नीर; सुरसरिता का नीर, लगा चन्दन का
Read Moreदर्द कमर का तेज, रात भर लगीं न पलकें, सहलाते रहे बस, एमरजैंसी की अलकें, नर्स नींद में चूर, ऊंघते
Read Moreगूंजी हिन्दी विश्व में, स्वप्न हुआ साकार; राष्ट्र संघ के मंच से, हिन्दी का जयकार; हिन्दी का जयकार, हिन्दी हिन्दी
Read Moreकिसी रात को मेरी नींद अचानक उचट जाती है आँख खुल जाती है मैं सोचने लगता हूँ कि जिन वैज्ञानिकों
Read Moreयमुना तट, टीले रेतीले, घास–फूस का घर डाँडे पर, गोबर से लीपे आँगन मेँ, तुलसी का बिरवा, घंटी स्वर, माँ
Read Moreबबली, लौली कुत्ते दो, कुत्ते नहीं खिलौने दो, लम्बे-लंबे बालों वाले, फूले-पिचके गालों वाले। कद छोटा, खोटा स्वभाव है, देख
Read Moreजन्म जहाँ श्रीकृष्ण का, वहां मिला है ठौर; पहरा आठों याम का, जुल्म-सितम का दौर; जुल्म-सितम का दौर; पाप का
Read Moreडाक्टरान दे रहे दवाई, पुलिस दे रही पहरा; बिना ब्लेड के हुआ खुरदरा, चिकना-चुपड़ा चेहरा; चिकना-चुपड़ा चेहरा, साबुन, तेल नदारत;
Read Moreघर पहुंचे हम बाद में, पहले पुलिस तैयार; रोम-रोम गद्गद हुआ, लखि सवागत-सत्कार; लखि स्वागत-सत्कार, पराये अपने घर में; कुत्ते
Read Moreकहु सजनी ! रजनी कहाँ ? अँधियारे में चूर; एक बरस में ढर गया, चेहरे पर से नूर; चेहरे पर
Read Moreमेरी दुआ कि ग़ैर पे उन की नज़र न हो वो हाथ उठा रहे हैं कि यारब असर न हो
Read Moreयोग, प्रयोग, नियोग की चर्चा सुनी अपार; रोग सदा पल्ले पड़ा, खुला जेल का द्वार; खुला जेल का द्वार, किया
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