Hindi Poetry

Faiz Ahmed Faiz – Daaman ae yusuf


दामने-यूसुफ़

जान बेचने को आये तो बे-दाम बेच दी
ऐ अहले-मिसर, वज़ए-तकल्लुफ़ तो देखिये
इंसाफ़ है कि हुक्मे-अकूबत से पेशतर
इक बार सू-ए-दामने-यूसुफ़ तो देखिये

(अकूबत=तसीहे)