Hindi Poetry Gulzar – Boliye surili boliyan March 27, 2021 rhymecloud बोलिये सुरीली बोलियाँ बोलिये सुरीली बोलियाँ खट्टी मीठी आँखों की रसीली बोलियाँ रात में घोले चाँद की मिश्री दिन के ग़म नमकीन लगते हैं नमकीन आँखों की नशिली बोलियाँ गूंज रहे हैं डूबते साये शाम की खुशबू हाथ ना आये गूंजती आँखों की नशिली बोलियाँ