Hindi Poetry

Gulzar – Mumbai


मुंबई

रात जब मुंबई की सड़कों पर
अपने पंजों को पेट में लेकर
काली बिल्ली की तरह सोती है
अपनी पलकें नहीं गिराती कभी,–
साँस की लंबी लंबी बौछारें
उड़ती रहती हैं खुश्क साहिल पर!