Gulzar – Dard halka hai saans bhari hai
दर्द हल्का है साँस भारी है दर्द हल्का है साँस भारी है जिए जाने की रस्म जारी है आप के
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दर्द हल्का है साँस भारी है दर्द हल्का है साँस भारी है जिए जाने की रस्म जारी है आप के
Read Moreवो ख़त के पुर्ज़े उड़ा रहा था वो ख़त के पुर्ज़े उड़ा रहा था हवाओं का रुख़ दिखा रहा था
Read Moreहाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते वक़्त की शाख़ से
Read Moreजगजीत: एक बौछार था वो एक बौछार था वो शख्स, बिना बरसे किसी अब्र की सहमी सी नमी से जो
Read Moreगर्म लाशें गिरीं फ़सीलों से गर्म लाशें गिरीं फ़सीलों से आसमाँ भर गया है चीलों से सूली चढ़ने लगी है
Read Moreकहीं तो गर्द उड़े या कहीं ग़ुबार दिखे कहीं तो गर्द उड़े या कहीं ग़ुबार दिखे कहीं से आता हुआ
Read Moreमौसम बर्फ पिघलेगी जब पहाड़ों से और वादी से कोहरा सिमटेगा बीज अंगड़ाई लेके जागेंगे अपनी अलसाई आँखें खोलेंगे सब्ज़ा
Read Moreफूल ने टहनी से उड़ने की कोशिश की फूल ने टहनी से उड़ने की कोशिश की इक ताइर का दिल
Read Moreझड़ी-बन्द शीशों के परे देख दरीचों के उधर बन्द शीशों के परे देख दरीचों के उधर सब्ज पेड़ों पे घनी
Read Moreमुझे अँधेरे में बे-शक बिठा दिया होता मुझे अँधेरे में बे-शक बिठा दिया होता मगर चराग़ की सूरत जला दिया
Read Moreशरारत आओ तुमको उठा लूँ कंधों पर तुम उचककर शरीर होठों से चूम लेना चूम लेना ये चाँद का माथा
Read Moreआदत सांस लेना भी कैसी आदत है जिए जाना भी क्या रवायत है कोई आहट नहीं बदन में कहीं कोई
Read Moreत’आरुफ़ इस मजमूए का, जिसे मैं हिन्दी में संग्रह भी कह सकता हूँ, परिचय कराना कुछ ज़रूरी लग रहा है।
Read Moreज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा अपने साए से चौंक जाते
Read Moreआँखों में जल रहा है प बुझता नहीं धुआँ आँखों में जल रहा है प बुझता नहीं धुआँ उठता तो
Read Moreहवा के सींग न पकड़ो खदेड़ देती है हवा के सींग न पकड़ो खदेड़ देती है ज़मीं से पेड़ों के
Read Moreइक इमारत इक इमारत है सराय शायद, जो मेरे सर में बसी है. सीढ़ियाँ चढ़ते-उतरते हुए जूतों की धमक, बजती
Read Moreत्रिवेणी बह निकली शुरू शुरू में तो जब यह फॉर्म बनाई थी, तो पता नहीं था यह किस संगम तक
Read Moreफिर कोई नज़्म कहें आओ फिर नज़्म कहें फिर किसी दर्द को सहलाकर सुजा ले आँखें फिर किसी दुखती हुई
Read Moreहम को मन की शक्ति देना, मन विजय करें हम को मन की शक्ति देना, मन विजय करें दूसरो की
Read Moreतन्हा कहाँ छुपा दी है रात तूने कहाँ छुपाए हैं तूने अपने गुलाबी हाथों से ठंडे फाये कहाँ हैं तेरे
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