Hindi Poetry Faiz Ahmed Faiz – Marde-daana June 6, 2022 rhymecloud मर्दे-दाना मर्दे-दाना पी के अहमक से कभी बदतर हुआ और कभी बरअक़्स इसके हुआ, अक़्सर हुआ (मर्दे-दाना=बुद्धिमान आदमी, बरअक्स=उलट)