Hindi Poetry Faiz Ahmed Faiz – Yaar agiyaar ho gye hain September 9, 2022 rhymecloud यार अग़ियार हो गए हैं यार अग़ियार हो गए हैं और अग़ियार मुसिर हैं कि वो सब यारे-ग़ार हो गए हैं अब कोई नदीमे-बासफ़ा नहीं है सब रिन्द शराबख़्वार हो गए हैं