Hindi Poetry Gulzar – Patjhad December 21, 2020 rhymecloud पतझड़ जब जब पतझड़ में पेड़ों से पीले पीले पत्ते मेरे लॉन में आकर गिरते हैं रात को छत पर जाके मैं आकाश को तकता रहता हूँ लगता है कमज़ोर सा पीला चाँद भी शायद पीपल के सूखे पत्ते सा लहराता-लहराता मेरे लॉन में आकर उतरेगा