Hindi Poetry Gulzar – Sabar har baar ikhtiyaar kiya May 30, 2020 rhymecloud सब्र हर बार इख़्तियार किया सब्र हर बार इख़्तियार किया हम से होता नहीं हज़ार किया आदतन तुम ने कर दिए वा’दे आदतन हम ने ए’तिबार किया हम ने अक्सर तुम्हारी राहों में रुक कर अपना ही इंतिज़ार किया फिर न माँगेंगे ज़िंदगी या-रब ये गुनह हम ने एक बार किया