Hindi Poetry Suryakant Tripathi Nirala – Chalin nishi mein tum aayi praat August 5, 2025 rhymecloud चलीं निशि में तुम आई प्रात चलीं निशि में तुम आई प्रात; नवल वीक्षण, नवकर सम्पात, नूपुर के निक्वण कूजे खग, हिले हीरकाभरण, पुष्प मग, साँस समीरण, पुलकाकुल जग, हिले पग जलजात।