Hindi Poetry Suryakant Tripathi Nirala – Gavna na kara September 10, 2022 rhymecloud गवना न करा गवना न करा। खाली पैरों रास्ता न चला। कंकरीली राहें न कटेंगी, बेपर की बातें न पटेंगी, काली मेघनियाँ न फटेंगी, ऐसे ऐसे तू डग न भरा। कुछ भी न बता तू रहा पता, सपने-सपने दे रहा घता, जो पूरा-पूरा माल-मता, मुरझा न जायगा बाग हरा।