Hindi Poetry Suryakant Tripathi Nirala – Kaam ke shavi dhaam May 29, 2021 rhymecloud काम के छवि-धाम काम के छवि-धाम, शमन प्रशमन राम! सिन्धुरा के सीस सिन्दूर, जगदीश, मानव सहित-कीश, सीता-सती-नाम। अरि-दल-दलन-कारि, शंकर, समनुसारि पद-युगल-तट-वारि सरिता, सकल याम। शेष के तल्प कल शयन अवशेष-पल, चयन-कलि-गन्ध-दल विश्व के आराम।