Hindi Poetry

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Faiz Ahmed Faiz – Husn marhoone joshe baad

हुस्न-मरहूने-जोशे-बादः-ए-नाज़ इश्क़ मिन्नतकशे-फ़ुसूने-नियाज़ दिल का हर तार लरज़िशे-पैहम जाँ का हर रिश्तः वक़्फ़े-सोज़ो-गुदाज़ सोज़िशे-दर्दे-दिल-किसे मालूम कौन जाने किसी के इश्क़

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