Javed Akhtar – Dastbardaar agar aap gazab se ho jayein
दस्तबरदार अगर आप ग़ज़ब से हो जाएं हर सितम भूलके हम आपके अब से हो जाएं चौदहवीं शब है तो
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दस्तबरदार अगर आप ग़ज़ब से हो जाएं हर सितम भूलके हम आपके अब से हो जाएं चौदहवीं शब है तो
Read Moreजाने किसकी तलाश उनकी आँखों में थी आरज़ू के मुसाफ़र भटकते रहे जितना भी वो चले उतने ही बिछ गए
Read Moreये दुनिया तुमको रास आए तो कहना न सर पत्थर से टकराए तो कहना ये गुल काग़ज़ हैं, ये ज़ेवर
Read Moreवो ज़माना गुज़र गया कब का था जो दीवाना मर गया कब का ढ़ूँढता था जो इक नई दुनिया लौटके
Read Moreअभी ज़मीर में थोड़ी-सी जान बाक़ी है अभी हमारा कोई इम्तेहान बाक़ी है हमारे घर को तो उजड़े हुए ज़माना
Read Moreज़िंदगी की आँधी में ज़हन का शजर तन्हा तुमसे कुछ सहारा था, आज हूँ मगर तन्हा ज़ख़्म-ख़ुर्दा लम्हों को मसलेहत
Read Moreबाप की उँगली थामे इक नन्हा-सा बच्चा पहले-पहल मेले में गया तो अपनी भोली-भाली कंचों जैसी आँखों से इक दुनिया
Read Moreअजीब आदमी था वो मुहब्बतों का गीत था, बग़ावतों का राग था कभी वो सिर्फ़ फूल था कभी वो सिर्फ़
Read Moreसारा जहाँ चुप चाप है, आहटें नासाज़ हैं क्यूँ हवा ठहरी हुई है आप क्यूँ नाराज़ हैं फीके लगते हैं
Read Moreचश्मे-मयगूँ ज़रा इधर कर दे दस्ते-कुदरत को बे-असर कर दे तेज़ है आज दर्दे-दिल साक़ी तल्ख़ी-ए-मय को तेज़तर कर दे
Read Moreबरसों की रस्मो-राह थी इक रोज़ उसने तोड़ दी हुशियार हम भी कम नहीं, उम्मीद हमने छोड़ दी गिरहें पड़ी
Read Moreरोज़े-अव्वल ही से आवारा हूँ आवारा रहूँगा चांद तारों से गुज़रता हुआ बन्जारा रहूंगा चांद पे रुकना आगे खला है
Read Moreये आए दिन के हंगामे ये जब देखो सफ़र करना यहाँ जाना – वहाँ जाना इसे मिलना उसे मिलना हमारे
Read Moreदोनों जहान तेरी मोहब्बत मे हार के वो जा रहा है कोई शबे-ग़म गुज़ार के वीराँ है मयकदः ख़ुमो-सागर उदास
Read Moreनींद के बादलों के पीछे है मुस्कुराता हुआ कोई चेहरा चेहरे पे बिखरी एक रेशमी लट सरसराता हुआ कोई आँचल
Read Moreऐसा कोई ज़िन्दगी से वादा तो नहीं था तेरे बिना जीने का इरादा तो नहीं था तेरे लिए रातों में
Read Moreहर हक़ीक़त मजाज़ हो जाए काफ़िरों की नमाज़ हो जाए दिल रहीने-नियाज़ हो जाए बेकसी कारसाज़ हो जाए मिन्नते-चाराःसाज़ कौन
Read Moreकिसलिए कीजे बज़्म-आराई पुरसुकूँ हो गई है तन्हाई फिर ख़मोशी ने साज़ छेड़ा है फिर ख़यालात ने ली अंगड़ाई यूँ
Read Moreहर बात पे हैरां है, मूरख है ये नादां है मैं दिल से परेशां हूँ, दिल मुझसे परेशां है हर
Read Moreहुस्न-मरहूने-जोशे-बादः-ए-नाज़ इश्क़ मिन्नतकशे-फ़ुसूने-नियाज़ दिल का हर तार लरज़िशे-पैहम जाँ का हर रिश्तः वक़्फ़े-सोज़ो-गुदाज़ सोज़िशे-दर्दे-दिल-किसे मालूम कौन जाने किसी के इश्क़
Read Moreन ख़ुशी दे तो कुछ दिलासा दे दोस्त, जैसे हो मुझको बहला दे आगही से मिली है तन्हाई आ मिरी
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