Hindi Poetry

Faiz Ahmed Faiz – Geet ab kya dekhein raah tumhaari


गीत-अब क्या देखें राह तुम्हारी

फ़िल्म : जागो हुआ सवेरा

अब क्या देखें राह तुम्हारी
बीत चली है रात
छोड़ो
छोड़ो ग़म नी बात
थक गये आंसू
थक गई अंखियां
गुज़र गई बरसात
बीत चली है रात

छोड़ो
छोड़ो ग़म नी बात
कब से आस लगी दर्शन की
कोई न जाने बात
कोई न जाने
बीत चली है रात
छोड़ो ग़म नी बात

तुम आओ तो मन में उतरे
फूलों की बारात
बीत चली है रात
अब क्या देखें राह तुम्हारी
बीत चली है रात