Gulzar – Kullu vaadi
कुल्लू वादी बादलों में कुछ उड़ती हुई भेड़ें नज़र आती हैं दुम्बे दिखते हैं कभी भालू से कुश्ती लड़ते ढीली
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कुल्लू वादी बादलों में कुछ उड़ती हुई भेड़ें नज़र आती हैं दुम्बे दिखते हैं कभी भालू से कुश्ती लड़ते ढीली
Read Moreख़ाली समंदर उसे फिर लौट के जाना है, ये मालूम था उस वक़्त भी जब शाम की – सुर्खोसुनहरी रेत
Read Moreखर्ची मुझे खर्ची में पूरा एक दिन, हर रोज मिलता है मगर हर रोज कोई छीन लेता है झपट लेता
Read Moreयुद्ध सूरज के ज़ख्मों से रिसता लाल लहू दूर उफ़क से बहते-बहते इस साहिल तक आ पहुँचा है किरणे मिट्टी
Read Moreमॉनसून कार का इंजन बंद कर के और शीशे चढ़ा कर बारिश में घने-घने पेड़ों से ढकी सेंट पॉल रोड़
Read Moreपतझड़ जब जब पतझड़ में पेड़ों से पीले पीले पत्ते मेरे लॉन में आकर गिरते हैं रात को छत पर
Read Moreबीमार याद इक याद बड़ी बीमार थी कल, कल सारी रात उसके माथे पर, बर्फ़ से ठंडे चाँद की पट्टी
Read Moreचाँद समन रोज आता है ये बहरूपिया, इक रूप बदलकर, और लुभा लेता है मासूम से लोगों को अदा से
Read Moreसोना ज़रा आवाज़ का लहजा तो बदलो……… ज़रा मद्धिम करो इस आंच को ‘सोना’ कि जल जाते हैं कंगुरे नर्म
Read Moreबुढ़िया रे बुढ़िया, तेरे साथ तो मैंने, जीने की हर शह बाँटी है! दाना पानी, कपड़ा लत्ता, नींदें और जगराते
Read Moreहनीमून कल तुझे सैर करवाएंगे समन्दर से लगी गोल सड़क की रात को हार सा लगता है समन्दर के गले
Read Moreउस रात उस रात बहुत सन्नाटा था ! उस रात बहुत खामोशी थी !! साया था कोई ना सरगोशी आहट
Read Moreअमलतास खिड़की पिछवाड़े को खुलती तो नज़र आता था वो अमलतास का इक पेड़, ज़रा दूर, अकेला-सा खड़ा था शाखें
Read Moreऐसा ख़ामोश तो मंज़र न फ़ना का होता ऐसा ख़ामोश तो मंज़र न फ़ना का होता मेरी तस्वीर भी गिरती
Read Moreएक पुराना मौसम लौटा याद भरी पुरवाई भी एक पुराना मौसम लौटा याद भरी पुरवाई भी ऐसा तो कम ही
Read Moreओस पड़ी थी रात बहुत और कोहरा था गर्माइश पर ओस पड़ी थी रात बहुत और कोहरा था गर्माइश पर
Read Moreख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में एक पुराना ख़त खोला अनजाने में शाम के
Read Moreगुलों को सुनना ज़रा तुम सदाएँ भेजी हैं गुलों को सुनना ज़रा तुम सदाएँ भेजी हैं गुलों के हाथ बहुत
Read Moreकाँच के पीछे चाँद भी था और काँच के ऊपर काई भी काँच के पीछे चाँद भी था और काँच
Read Moreजब भी ये दिल उदास होता है जब भी ये दिल उदास होता है जाने कौन आस-पास होता है आँखें
Read Moreजब भी आँखों में अश्क भर आए जब भी आँखों में अश्क भर आए लोग कुछ डूबते नज़र आए अपना
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