Gulzar – Dariya
दरिया इतनी सी उम्मीद लिये– शायद फिर से देख सके वह, इक दिन उस लड़की का चेहरा, जिसने फूल और
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Sampooran Singh Kalra (born 18 August 1934), known popularly by his pen name Gulzar, is an Indian film director, lyricist, Poet. Born in Jhelum District in British India (now in Pakistan) his family moved to India after partition. He started his career with music director S.D. Burman as a lyricist in the 1963 film Bandini and worked with many music directors including R. D. Burman, Salil Chowdhury, Vishal Bhardwaj and A. R. Rahman. He was awarded Padma Bhushan in 2004, the third-highest civilian award in India, the Sahitya Akademi Award and the Dadasaheb Phalke Award — the highest award in Indian cinema. He has won several Indian National Film Awards, 21 Filmfare Awards, one Academy Award and one Grammy Award. He also wrote the theme song for Motu Patlu, an Indian animated sitcom.
Gulzar also wrote poetry, dialogues, and scripts. He directed films such as Aandhi and Mausam during the 1970s and the TV series Mirza Ghalib in the 1980s. He also directed Kirdaar in 1993.
दरिया इतनी सी उम्मीद लिये– शायद फिर से देख सके वह, इक दिन उस लड़की का चेहरा, जिसने फूल और
Read Moreएक में दो एक शरीर में कितने दो हैं, गिन कर देखो जितने दो हैं। देखने वाली आँखें दो हैं,
Read Moreमुंबई रात जब मुंबई की सड़कों पर अपने पंजों को पेट में लेकर काली बिल्ली की तरह सोती है अपनी
Read Moreकुछ खो दिया है पाइके कुछ खो दिया है पाइके कुछ पा लिया गवाइके। कहाँ ले चला है मनवा मोहे
Read Moreआँसू-१ अल्फाज जो उगते, मुरझाते, जलते, बुझते रहते हैं मेरे चारों तरफ, अल्फाज़ जो मेरे गिर्द पतंगों की सूरत उड़ते
Read Moreबर्फ़ पिघलेगी जब पहाड़ों से बर्फ़ पिघलेगी जब पहाड़ों से और वादी से कोहरा सिमटेगा बीज अंगड़ाई लेके जागेंगे अपनी
Read Moreबुड्ढा दरिया-१ मुँह ही मुँह कुछ बुड़बुड़ करता, बहता है ये बुड्ढा दरिया! कोई पूछे तुझको क्या लेना, क्या लोग
Read Moreज़ुबान पर ज़ायका आता था जो सफ़हे पलटने का ज़ुबान पर ज़ाएका आता था जो सफ़हे पलटने का अब उँगली
Read Moreपेन्टिंग-१ खड़खड़ाता हुआ निकला है उफ़ुक से सूरज, जैसे कीचड़ में फँसा पहिया धकेला हो किसी ने चिब्बे टिब्बे से
Read Moreकिस क़दर सीधा सहल साफ़ है यह रस्ता देखो किस क़दर सीधा सहल साफ़ है यह रस्ता देखो न किसी
Read Moreपड़ोसी-१ कुछ दिन से पड़ोसी के घर में सन्नाटा है, ना रेडियो चलता है, ना रात को आँगन में उड़ते
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Read Moreकाली काली काली काली आँखों का काला काला जादू है आधा आधा तुझ बिन मैं आधी आधी सी तू है
Read Moreएक नदी की बात सुनी… एक नदी की बात सुनी… इक शायर से पूछ रही थी रोज़ किनारे दोनों हाथ
Read Moreजंगल जंगल पता चला है जंगल जंगल बात चली है पता चला है जंगल जंगल बात चली है पता चला
Read Moreबारिश आने से पहले बारिश आने से पहले बारिश से बचने की तैयारी जारी है सारी दरारें बन्द कर ली
Read Moreबादल-१ रात को फिर बादल ने आकर गीले गीले पंजों से जब दरवाजे पर दस्तक दी, झट से उठ के
Read Moreरोको मत टोको मत रोको मत टोको मत सोचने दो इन्हें सोचने दो रोको मत टोको मत होए टोको मत
Read Moreमेरे रौशनदान में बैठा एक कबूतर मेरे रौशनदार में बैठा एक कबूतर जब अपनी मादा से गुटरगूँ कहता है लगता
Read Moreहमें पेड़ों की पोशाकों से इतनी-सी ख़बर तो मिल ही जाती है हमें पेड़ों की पोशाकों से इतनी सी ख़बर
Read Moreलौटूंगी मैं सहमी सहमी रातों में सहमी सहमी चलती हूँ सहमी सहमी रातों में सहमी सहमी चलती हूँ लौटूंगी मैं
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