Amir Khusro – Jo mai jaanti bisrat hai sayian
जो मैं जानती बिसरत हैं सैय्याँ जो मैं जानती बिसरत हैं सैय्याँ, घुँघटा में आग लगा देती, मैं लाज के
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जो मैं जानती बिसरत हैं सैय्याँ जो मैं जानती बिसरत हैं सैय्याँ, घुँघटा में आग लगा देती, मैं लाज के
Read Moreमसजिद के ज़ेर-ए-साया ख़राबात चाहिये भौं पास आंख किबला-ए-हाजात चाहिये आशिक हुए हैं आप भी एक और शख़स पर आख़िर
Read Moreमज़े जहान के अपनी नज़र में ख़ाक नहीं सिवाए ख़ून-ए-जिगर, सो जिगर में ख़ाक नहीं मगर ग़ुबार हुए पर हवा
Read Moreसब कहां ? कुछ लाला-ओ-गुल में नुमायां हो गईं ख़ाक में क्या सूरतें होंगी कि पिनहां हो गईं याद थी
Read Moreज़िक्र उस परीवश का और फिर बयां अपना बन गया रकीब आख़िर था जो राज़दां अपना मय वो कयों बहुत
Read Moreन गुल-ए-नग़मा हूं, न परदा-ए-साज़ मैं हूं अपनी शिकसत की आवाज़ तू, और आरायश-ए-ख़म-ए-काकुल मैं, और अन्देशा-हाए-दूरो-दराज़ लाफ़-ए-तमकीं फ़रेब-ए-सादा-दिली हम
Read Moreचमन को लग गई किस की नज़र ख़ुदा जाने चमन रहा न रहे वो चमन के अफ़्साने सुना नहीं हमें
Read Moreपहले पहरेदार थे, अब भी पहरेदार; तब थे तेवर तानते, अब झुकते हर बार; अब झुकते हर बार, वक्त की
Read MoreIn Hindi जब यार देखा नैन भर दिल की गई चिंता उतर ऐसा नहीं कोई अजब राखे उसे समझाए कर
Read MoreIn Hindi हजरत ख्वाजा संग खेलिए धमाल, बाइस ख्वाजा मिल बन बन आयो तामें हजरत रसूल साहब जमाल। हजरत ख्वाजा
Read MoreIn Hindi दैया री मोहे भिजोया री शाह निजाम के रंग में। कपरे रंगने से कुछ न होवत है या
Read MoreIn Hindi छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके प्रेम भटी का मदवा पिलाइके मतवारी कर लीन्ही रे मोसे
Read MoreIn Hindi बहुत रही बाबुल घर दुल्हन, चल तोरे पी ने बुलाई। बहुत खेल खेली सखियन से, अन्त करी लरिकाई।
Read MoreIn Hindi बहुत कठिन है डगर पनघट की। कैसे मैं भर लाऊँ मधवा से मटकी मेरे अच्छे निज़ाम पिया। कैसे
Read MoreIn Hindi बहुत दिन बीते पिया को देखे, अरे कोई जाओ, पिया को बुलाय लाओ मैं हारी वो जीते पिया
Read MoreIn Hindi अम्मा मेरे बाबा को भेजो री – कि सावन आया बेटी तेरा बाबा तो बूढ़ा री – कि
Read MoreIn Hindi ऐ री सखी मोरे पिया घर आए भाग लगे इस आँगन को बल-बल जाऊँ मैं अपने पिया के,
Read MoreIn Hindi आज रंग है ऐ माँ रंग है री, मेरे महबूब के घर रंग है री। अरे अल्लाह तू
Read MoreIn Hindi सकल बन फूल रही सरसों। बन बिन फूल रही सरसों। अम्बवा फूटे, टेसू फूले, कोयल बोले डार-डार, और
Read MoreIn Hindi आ घिर आई दई मारी घटा कारी। बन बोलन लागे मोर दैया री बन बोलन लागे मोर। रिम-झिम
Read Moreये न थी हमारी किस्मत कि विसाले-यार होता अगर और जीते रहते यही इंतज़ार होता तेरे वादे पे जीये हम
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